जो विश्वास हमारे मन से बाहर झांक रहा है, उसे कैसे देखा जाए? उसके साथ क्या किया जाए? इंसान को ऐसी कौन-सी समझ दी जाए कि उसके विचार ही बदल जाएं? यदि उसके विचार बदल गए तो पूरे शरीर में जो तरंग उठेगी, वह विश्व की हर उस चीज से संपर्क करेगी, जो सकारात्मक है।
विश्वास की यह तरंग जो आपके अंदर है, वे उन चीजों को आपकी ओर आकर्षित करती हैं, जो आप चाहते हैं। इस तरह सारी सकारात्मक चीजें आपके जीवन में आने लगती हैं।
विश्वास इतना मुख्य है तो विश्वास की शक्ति को समझना कितनी आपातकालीन स्थिति है। इंसान को तुरंत विश्वास की शक्ति मिल जाए, तो उसे विश्वास प्रकट करने दिया जाए।
हमारे विचारों में छुपा है खुश रहने का राज
जो हमारे चेहरे से बाहर झांक रहा है, उससे हमारे जीवन में चमत्कार शुरू हो जाएं, क्योकि सभी चाहते हैं कि उनके जीवन में चमत्कार हों। आप अलग-अलग चमत्कार सुनते हैं तो यही कहते हैं कि ‘मेरे जीवन में ऐसा कब होगा? क्या आजकल के युग में चमत्कार संभव है?’ हर एक के जीवन में चमत्कार हो सकते हैं, सिर्फ उस इंसान को चमत्कार देखने की आंख मिलनी चाहिए।
चमत्कार कैसे होते हैं, इसकी समझ प्राप्त होनी चाहिए, क्योंकि जो विश्वास आपके अंदर से झांक रहा है, उसे प्रकट होना है। उसके प्रकट होते ही चमत्कार होते हैं। कुदरत नियमों पर काम करती है, उन नियमों के अनुसार इंसान के अंदर विश्वास और श्रद्धा खुली तो चमत्कार हो सकते हैं। अगर विश्वास और श्रद्धा प्रकट नहीं हुई तो कोई चमत्कार नहीं होता। विश्व के विकास की एक ही आस है, वह है विश्वास (विश्व+आस)।
विचार विश्वास का आइना है। मन से जो विचार निकलते हैं, उन्हें देखकर ही पता चलता है कि विचारों के पीछे किस तरह का विश्वास है। इंसान के विचार ही बताते हैं कि उसके अंदर कैसा विश्वास है और विश्वास यह बताता है कि इंसान कितने बड़े काम कर सकता है।
असंयमित विचार ही रोगों का कारण हैं
लोगों से जब यह सवाल पूछा जाता है ‘आजकल आपके अंदर कौन से विचार चल रहे हैं?’ और वे जवाब देते हैं कि ‘सुबह उठकर ऐसे-ऐसे विचार आते हैं’ तब उनके विचार उनका आत्मविश्वास बताते हैं। विश्वास वह चीज है, जो हमें कुछ प्राप्त करने के बाद, कुछ प्रयोग व मेहनत करने के बाद मिलता है।
एक इंसान कहता है, ‘सुबह उठकर मुझे पहला विचार यह आता है कि मंदिर कितने बजे खुला?’ वह इंसान अपने शरीर को मंदिर कहता है। वह यह समझता है कि शरीर एक मंदिर है। उसके लिए सुबह उठना यानी मंदिर का खुलना है। अब इस मंदिर के अंदर से कौन झांकेगा? मंदिर जब बंद होता है तब उसके सामने कोई खड़ा नहीं होता।
मंदिर जब खुल जाता है तब उसके सामने अलग-अलग लोग आना शुरू हो जाते हैं। सुबह उठकर यदि आपको यह विचार आए कि ‘शरीर उठा यानी मंदिर खुला, अब पुजारी (आप) क्या करे?’ तब निश्चित ही ऐसे शरीर से, जिसमें विश्वास भरा हुआ है, सकारात्मक, आनंददायक, सभी के मंगल के लिए कार्य शुरू हो जाते हैं।
बोलने से झलकता है हमारा व्यक्तित्व
सुबह उठने के बाद एक इंसान को विचार आते हैं, ‘मैं उठा..मैंने क्या-क्या किया?’ और दूसरे इंसान को विचार आता है कि ‘मंदिर खुला।‘ इन दोनों विचारों में छोटा सा फर्क है मगर यही फर्क एक को असफलता दिलाता है और दूसरे को सफलता।
क्योंकि दूसरे इंसान ने अपने आपको जान लिया, इसलिए उसमें यह विचार आया। मगर यह विचार आने के लिए उस इंसान ने न जाने कितने शिविर किए होंगे, घंटों बैठकर सत्य का श्रवण, मनन किया होगा, तब जाकर उससे ऐसी पंक्ति निकलती है।
वरना किसी से कहा जाय कि सुबह उठकर आपको यह पंक्ति कहनी है तो वह कहेगा, ‘अरे! आपने कहा था लेकिन मुझे याद ही नहीं आया। मुझे तो यह याद आया कि ऑफिस कितने बजे पहुंचना है? कॉलेज में आज क्या सब्मिशन है? मेहमान आएंगे तो क्या खाना बनाए? इसलिए कहा गया कि आपके विचार ही बताते हैं कि आपकी क्या अवस्था है। आपके विचारों के पीछे जो झांक रहा है, आपका आत्मविश्वास बेचारा किस अवस्था में है, यह पता चलता है।’
‘विषयों के प्रति स्पष्ट विचार से सफलता मिलेगी’
अगर आपके अंदर विश्वास स्वस्थ अवस्था में है तो आपके विचार कैसे होंगे? स्वस्थ अवस्था में हरे-भरे विचार होंगे। जिस इंसान का विश्वास स्वस्थ है, उस इंसान को देखकर ही लोगों को लगेगा कि यह आम खरीदना चाहिए, यानी इस तरह के लोगों को साथ रहना चाहिए, इनका विश्वास करना चाहिए।
जिन लोगों में विश्वास पूर्ण होता है, उन लोगों का साथ आप अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं। आप ऐसे लोगों के साथ रहना चाहते हैं। शंकालु, कपटी, अविश्वासी और अनुमानी लोगों से आप दूर भागना चाहते हैं, इसलिए अपने आप से पूछें कि लोग आपके साथ रहना पसंद करते हैं या नहीं? यदि नहीं तो आज से ही अपने विचार बदलें।
उग्र विचारों वाले लोग होते हैं अधिक बातूनी
आपके विचार ही आपके विश्वास की खबर देते हैं। आज से ही अपने विचारों में आत्मविश्वास की महक डालना शुरू करें। किसी भी घटना में वह चाहे नकारात्मक ही क्यों न हो, अपने विचारों को सकारात्मक ही रखें। अपने आप पर विश्वास रखें कि आप वे सब काम कर सकते हैं, जिन्हें करने के विचार आपके अंदर उठते हैं।
मनन करें:
- हमारे अंदर विश्वास ही एक ऐसी तरंग है जो विश्व की हर वस्तु को हमारी तरफ आकर्षित करती है, जो हम चाहते हैं।
- इंसान के विचार ही बताते हैं कि उसके अंदर कैसा विश्वास है और उसका विश्वास ही बताता है कि इंसान कितने बड़े काम कर सकता है।
- अगर आपका विश्वास स्वस्थ है तो आपके विचार हरे-भरे होंगे।
- जिन लोगों का विश्वास पूर्ण होता है, उनके साथ आप अपने आपको सुरक्षित महसूस करते हैं।
- अपने आप से पूछें कि लोग आपके साथ रहना पसंद करते हैं या नहीं? यदि नहीं तो आज से ही अपने विचार बदलें।
Monday, November 29, 2010
Friday, October 29, 2010
चीन ने सबसे तेज सुपर कम्प्यूटर बनाया
चीन के वैज्ञानिकों ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हु़ए विश्व का सबसे तेज सुपर कम्प्यूटर बनाने का दावा किया है।
समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक चीन में बने इस तिआन्हे-1ए सुपर कम्प्यूटर की क्षमता अमेरिका के टेन्नेसी की प्रयोगशाला में मौजूद सुपर कम्प्यूटर से 1.4 गुना अधिक है।
सुपर कम्प्यूटर की रैंकिंग को निर्धारित करने वाले टेन्नेसी स्थित प्रयोगशाला के कम्प्यूटर वैज्ञानिक जैक डोंगरा ने कहा है कि चीन द्वारा बनाया गया यह कम्प्यूटर शीर्ष स्थान पर रहने का हकदार है।
समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक चीन में बने इस तिआन्हे-1ए सुपर कम्प्यूटर की क्षमता अमेरिका के टेन्नेसी की प्रयोगशाला में मौजूद सुपर कम्प्यूटर से 1.4 गुना अधिक है।
सुपर कम्प्यूटर की रैंकिंग को निर्धारित करने वाले टेन्नेसी स्थित प्रयोगशाला के कम्प्यूटर वैज्ञानिक जैक डोंगरा ने कहा है कि चीन द्वारा बनाया गया यह कम्प्यूटर शीर्ष स्थान पर रहने का हकदार है।
अब मोबाइल से होने वाले विकिरण का खतरा नहीं
इजरायल की एक कम्पनी ने एक ऐसी स्टिक-ऑन-फिल्म (चिपकने वाली परत) का आविष्कार किया है, जो मोबाइल फोन धारकों को उससे होने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरण से बचाएगा।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक वाइज इन्वायरोमेंट नाम की इस कम्पनी ने अपने इस खास उत्पाद को ‘सेल ला वेई रेडिएशन प्रोटेक्टर’ नाम दिया है।
इस पतली सी परत को मोबाइल फोन के दोनों ओर चिपका दिया जाता है, जिसके बाद यह फोन से निकलने वाले 98 फीसदी विकिरण को रोक देता है।
विकिरण से बचाने वाली इस परत की कीमत 47 डॉलर तय की गई है। कम्पनी का दावा है कि इसकी सबसे खास विशेषता यह है कि यह मोबाइल एन्टिना से निकलने वाले विकिरण को फोन का उपयोग करने वाले के शरीर तक नहीं पहुंचने देती।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक वाइज इन्वायरोमेंट नाम की इस कम्पनी ने अपने इस खास उत्पाद को ‘सेल ला वेई रेडिएशन प्रोटेक्टर’ नाम दिया है।
इस पतली सी परत को मोबाइल फोन के दोनों ओर चिपका दिया जाता है, जिसके बाद यह फोन से निकलने वाले 98 फीसदी विकिरण को रोक देता है।
विकिरण से बचाने वाली इस परत की कीमत 47 डॉलर तय की गई है। कम्पनी का दावा है कि इसकी सबसे खास विशेषता यह है कि यह मोबाइल एन्टिना से निकलने वाले विकिरण को फोन का उपयोग करने वाले के शरीर तक नहीं पहुंचने देती।
Tuesday, October 26, 2010
अब प्रिंटर के लिए कम्प्यूटर की जरूरत नहीं देखिये सब कुछ संभव है आज ..
उन लोगों के लिए अच्छी खबर है, जो अपने दफ्तर से दूर काम कर रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एचपी ने नए रेंज में एक ऐसा प्रिंटर बनाया है, जिसे मोबाइल फोन से सीधे जोड़कर और दूर से प्रिंट लिया जा सकेगा।
इस नए ई-प्रिंट तकनीकी से दूर से ही मोबाइल फोन से ई-मेल के जरिए तुरंत प्रिंट निकाला जा सकता है।
कंपनी ने इसके साथ ही ‘ऑल इन वन’ की तर्ज पर फोटोस्मार्ट ई-स्टेशन प्रिंटर भी तैयार किया है। जिसमें टच स्क्रीन की सुविधा मौजूद है।
नए प्रिंटर से हालांकि वेबसाइट के पृष्टों का प्रिंट नहीं लिया सकता है। इसे केवल मोबाइल फोन से ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
बाजार में इसकी कीमत 99 पाउंड से शुरू हो रही है। ई-स्टेशन प्रिंटर का दाम 250 पाउंड, जबकि बहुपयोगी ‘ऑल इन वन’ प्रिंटर की कीमत 380 पाउंड है।
अब मोबाइल रिमोट कंट्रोल से चलेगा
अपने स्मार्टफोन को आप जल्द ही अब रिमोट के जरिए संचालित कर पाएंगे। सोनी एरिक्सन के एक ब्लूटूथ टच डिस्प्ले से यह संभव हो गया है।
कुल 1.3 इंच लंबा और 15 ग्राम का ‘लाइव व्यू’ नामक ओएलईडी मॉनीटर आवाज की पहचान करने में सक्षम है। यह म्यूजिक प्लेयर और अन्य एप्लीकेशन संचालित करने में सक्षम है। इसमें कॉलर आईडी सेवा उपलब्ध है और यह ट्विटर और फेसबुक के अपडेट दिखा सकता है।
यह रिमोट कंट्रोल सोनी एरिक्शन के एक्सपेरिया श्रृंखला के फोन सहित सैमसंग गैलेक्सी एस और एचटीसी डिजायर जैसे एंड्रायड फोन के लिए उपयोग किया जा रहा है। ‘लाइव व्यू’ इस साल के अंत तक बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है।
कुल 1.3 इंच लंबा और 15 ग्राम का ‘लाइव व्यू’ नामक ओएलईडी मॉनीटर आवाज की पहचान करने में सक्षम है। यह म्यूजिक प्लेयर और अन्य एप्लीकेशन संचालित करने में सक्षम है। इसमें कॉलर आईडी सेवा उपलब्ध है और यह ट्विटर और फेसबुक के अपडेट दिखा सकता है।
यह रिमोट कंट्रोल सोनी एरिक्शन के एक्सपेरिया श्रृंखला के फोन सहित सैमसंग गैलेक्सी एस और एचटीसी डिजायर जैसे एंड्रायड फोन के लिए उपयोग किया जा रहा है। ‘लाइव व्यू’ इस साल के अंत तक बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद है।
आईपैड की टक्कर में ‘ब्लैकबेरी प्लेबुक’
टैबलेट कम्प्यूटर के बढ़ते बाजार को देखते हुए दुनिया की सबसे भरोसेमंद कारोबारी फोन ‘ब्लैकबेरी’ बनाने वाली कनाडा की कंपनी रिसर्च इन मोशन (रिम) ने हाल ही में एप्पल ‘आईपैड’ को टक्कर देते हुए अपना पहला टैबलेट कम्प्यूटर ‘ब्लैकबेरी प्लेबुक’ को प्रदर्शित किया।
ब्लैकबेरी की ये पेशकश एप्पल आईपैड से कहीं ज्यादा बेहतर है। प्लेबुक में 7 इंच की टच क्षमता वाली डिसप्ले स्क्रीन है, जिसकी मोटाई 9.77 मिलीमीटर है और वजन सिर्फ 400 ग्राम। ‘प्लेबुक’ को कंपनी के स्मार्टफोन ब्लैकबेरी की तरह व्यापार और उद्योग जगत के उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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प्लेबुक में एक गीगाहर्ट्ज का प्रोसेसर लगा है जो इसकी रफ्तार को और भी शानदार बनाता है। साथ ही यह ब्लैकबेरी की सभी सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है।
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ब्लैकबेरी ‘प्लेबुक’ में 1जीबी का रैम है जो इसकी मेमोरी क्षमता को दमदार बनाता है। वाई-फाई पर चलने वाले इस टैबलेट कम्प्यूटर में 3जी और 4जी की सुविधा भी रहेगी।
एप्पल ‘आईपैड’ के मुकाबले ब्लैकबेरी ‘प्लेबुक’ की टच क्वालिटी ज्यादा शानदार है।
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यानी इसके जरिए आसानी से वीडियो चैट की जा सकेगी। ये सुविधा एप्पल ‘आईपैड’ में नहीं है। इसलिए ये एप्पल आईपैड से कहीं बेहतर है।
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प्लेबुक एडॉबी फ्लैश प्लेयर सपोर्ट करता है जिससे इंटरनेट सर्फिंग का मजा दोगुना हो जाता है।
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जहां एक तरफ एप्पल ‘आईपैड’ के अलग-अलग मॉडलों की कीमत उसकी मेमोरी क्षमता के अनुरूप रखी गई है वहीं ब्लैकबेरी ‘प्लेबुक’ में ऐसा नहीं रहेगा।
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उम्मीद है कि कारोबारियों को ध्यान में रखकर बनाया गया ये आधुनिक कम्प्यूटर, टैबलेट पीसी के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत बनाने में कामयाब हो पाएगा।
ब्लैकबेरी की ये पेशकश एप्पल आईपैड से कहीं ज्यादा बेहतर है। प्लेबुक में 7 इंच की टच क्षमता वाली डिसप्ले स्क्रीन है, जिसकी मोटाई 9.77 मिलीमीटर है और वजन सिर्फ 400 ग्राम। ‘प्लेबुक’ को कंपनी के स्मार्टफोन ब्लैकबेरी की तरह व्यापार और उद्योग जगत के उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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‘प्लेबुक’ में नया ऑपरेटिंग सिस्टम
हर दिन तेज होती टैबलेट पीसी की इस जंग में अब ब्लैकबेरी भी कूद पड़ी है। ब्लैकबेरी ‘प्लेबुक’ के लिए रिम ने अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम ‘ब्लैकबेरी टैबलेट ओएस’ बनाया है।प्लेबुक में एक गीगाहर्ट्ज का प्रोसेसर लगा है जो इसकी रफ्तार को और भी शानदार बनाता है। साथ ही यह ब्लैकबेरी की सभी सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है।
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शानदार मेमोरी क्षमता
ब्लैकबेरी ‘प्लेबुक’ में 1जीबी का रैम है जो इसकी मेमोरी क्षमता को दमदार बनाता है। वाई-फाई पर चलने वाले इस टैबलेट कम्प्यूटर में 3जी और 4जी की सुविधा भी रहेगी।
एप्पल ‘आईपैड’ के मुकाबले ब्लैकबेरी ‘प्लेबुक’ की टच क्वालिटी ज्यादा शानदार है।
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‘प्लेबुक’ में हैं दो उत्कृष्ट कैमरे
ब्लैकबेरी ‘प्लेबुक’ में 2 हाई डेफिनेशन कैमरे का विकल्प दिया गया है। 3 मेगापिक्सल का उत्कृष्ट कैमरा प्लेबुक के आगे लगा हुआ है। तथा 5 मेगापिक्सल का कैमरा इसके पीछे दिया गया है। ‘प्लेबुक’ में लगे दो कैमरे वीडियो कॉंफ्रेंसिंग में मदद करेंगे।यानी इसके जरिए आसानी से वीडियो चैट की जा सकेगी। ये सुविधा एप्पल ‘आईपैड’ में नहीं है। इसलिए ये एप्पल आईपैड से कहीं बेहतर है।
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मजेदार इंटरनेट सर्फिंग
रिम का पहला टैबलेट कम्प्यूटर ‘ब्लैकबेरी प्लेबुक’ विशेषरूप से अपनी प्रतिद्वंद्वी कम्पनी एप्पल ‘आईपैड’ के मुकाबले में उतारा गया है। इसमें ऐसी कई सुविधाएं हैं जो एप्पल ‘आईपैड’ में नहीं हैं। ‘प्लेबुक’ में वास्तविक रूप से मल्टीटास्किंग, उच्च क्षमता की मल्टीमीडिया, ब्लूटूथ और वेब ब्राउजिंग जैसी आकर्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं।प्लेबुक एडॉबी फ्लैश प्लेयर सपोर्ट करता है जिससे इंटरनेट सर्फिंग का मजा दोगुना हो जाता है।
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बजट में रहेगी इसकी कीमत
महंगे कारोबारी फोन बनाने वाली कंपनी रिम ने अपने पहले टैबलेट पीसी ‘ब्लैकबेरी प्लेबुक’ की कीमत को आम आदमी के बजट के अनुरूप ही रखा है।जहां एक तरफ एप्पल ‘आईपैड’ के अलग-अलग मॉडलों की कीमत उसकी मेमोरी क्षमता के अनुरूप रखी गई है वहीं ब्लैकबेरी ‘प्लेबुक’ में ऐसा नहीं रहेगा।
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अगले साल तक आएगा ‘प्लेबुक’
प्लेबुक’ अगले साल 2011 तक तकनीकी बाजार में मिलना शुरू हो जाएगा।उम्मीद है कि कारोबारियों को ध्यान में रखकर बनाया गया ये आधुनिक कम्प्यूटर, टैबलेट पीसी के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत बनाने में कामयाब हो पाएगा।
नोकिया के नए मोबाइल नए सॉफ्टवेयर के साथ
कारोबारी मोबाइल फोन ‘ब्लैकबेरी’ को टक्कर देने वाली मोबाइल बाजार की सबसे लोकप्रिय मोबाइल निर्माता कंपनी ‘नोकिया’ ने अपने खुद के ऑपरेटिंग सिस्टम ‘सिम्बियन3’ के प्लैटफोर्म पर चलने वाले स्मार्टफोन ‘ई-7’ और नई ‘सी’ श्रृंखला के फोन ‘सी6-06’ और ‘सी-7’ को बाजार में पेश किया।
स्मार्टफोन के बाजार में पिछड़ रही नोकिया ने तकनीकी बाजार में तीन नए स्मार्टफोन उतार कर साबित कर दिया कि नोकिया के ये नए मोबाइल फोन हर लिहाज से उत्कृष्ट हैं।लोकप्रिय मोबाइल निर्माता कंपनी नोकिया ने हाल ही में गूगल के ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड को टक्कर देते हुए अपने खुद के ऑपरेटिंग सिस्टम ‘सिम्बियन3’ पर चलने वाला मोबाइल फोन ‘ई-7’ को तकनीकी बाजार में उतारा। ‘नोकिया ई-7’ एक स्मार्टफोन होने के साथ-साथ कारोबारी फोन भी है। इसमें 4 इंच के टचस्क्रीन डिस्प्ले के साथ स्लाइड-आउट कीबोर्ड भी है। जो इसे एक कारोबारी फोन बनाता है। नोकिया के इस नए मोबाइल फोन की कीमत करीब 30,000 रुपए है।176 ग्राम वाले ‘नोकिया ई-7’ में उच्च कोटि का 8 मेगापिक्सल कैमरा है। जिससे आप एक उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीर खींच सकते हैं। साथ ही इसमें 16जीबी की मेमोरी क्षमता है। नोकिया का ये नया फोन जनवरी 2011 में भारतीय बाजार में दस्तक देगा।
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नोकिया ने नए ऑपरेटिंग की सिस्टम के साथ-साथ अपने मोबाइल फोन की नई श्रृंखला ‘सी’ को भी शुरू किया है। सिम्बियन-3 के सॉफ्टवेयर पर चलने वाला नोकिया का नया मोबाइल फोन ‘सी-7’ एक बेहतरीन स्मार्टफोन है। इसमें फेसबुक, ट्विटर और वेबमेल जैसी सुविधाएं हैं। बेहद पतले और आकर्षक दिखने वाले ‘नोकिया सी-7’ में 3.2 इंच का टचस्क्रीन डिसप्ले है, 8 मेगापिक्सल कैमरा, 8 जीबी का मेमोरी कार्ड, जीपीएस और माइक्रो एसडी कार्ड जैसी तमाम सुविधा है। नोकिया सी-7 की कीमत करीब 20,000 रुपए है।
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स्मार्टफोन के बाजार में पिछड़ रही नोकिया ने तकनीकी बाजार में तीन नए स्मार्टफोन उतार कर साबित कर दिया कि नोकिया के ये नए मोबाइल फोन हर लिहाज से उत्कृष्ट हैं।लोकप्रिय मोबाइल निर्माता कंपनी नोकिया ने हाल ही में गूगल के ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड को टक्कर देते हुए अपने खुद के ऑपरेटिंग सिस्टम ‘सिम्बियन3’ पर चलने वाला मोबाइल फोन ‘ई-7’ को तकनीकी बाजार में उतारा। ‘नोकिया ई-7’ एक स्मार्टफोन होने के साथ-साथ कारोबारी फोन भी है। इसमें 4 इंच के टचस्क्रीन डिस्प्ले के साथ स्लाइड-आउट कीबोर्ड भी है। जो इसे एक कारोबारी फोन बनाता है। नोकिया के इस नए मोबाइल फोन की कीमत करीब 30,000 रुपए है।176 ग्राम वाले ‘नोकिया ई-7’ में उच्च कोटि का 8 मेगापिक्सल कैमरा है। जिससे आप एक उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीर खींच सकते हैं। साथ ही इसमें 16जीबी की मेमोरी क्षमता है। नोकिया का ये नया फोन जनवरी 2011 में भारतीय बाजार में दस्तक देगा।
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बेहद आकर्षक है ‘ई-7’
अत्यंत आकर्षक दिखने वाला नोकिया का नया मोबाइल ‘ई-7’ में वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा के साथ-साथ उसे एडिट करने की भी सुविधा है। इसके अलावा इसमें वाई-फाई, ब्लूटूथ और एफएम रेडियो की भी सुविधा है। नोकिया के ये फोन ‘सिम्बियन3’ सॉफ्टवेयर के ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा।----------------------------------------------------------------------------------------------------------
नोकिया की नई श्रृंखला ‘सी-7’
नोकिया ने नए ऑपरेटिंग की सिस्टम के साथ-साथ अपने मोबाइल फोन की नई श्रृंखला ‘सी’ को भी शुरू किया है। सिम्बियन-3 के सॉफ्टवेयर पर चलने वाला नोकिया का नया मोबाइल फोन ‘सी-7’ एक बेहतरीन स्मार्टफोन है। इसमें फेसबुक, ट्विटर और वेबमेल जैसी सुविधाएं हैं। बेहद पतले और आकर्षक दिखने वाले ‘नोकिया सी-7’ में 3.2 इंच का टचस्क्रीन डिसप्ले है, 8 मेगापिक्सल कैमरा, 8 जीबी का मेमोरी कार्ड, जीपीएस और माइक्रो एसडी कार्ड जैसी तमाम सुविधा है। नोकिया सी-7 की कीमत करीब 20,000 रुपए है।
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मोटोरोला के शानदार एंड्रॉयड मोबाइल फोन
मोटोरोला के शानदार एंड्रॉयड मोबाइल फोन:-
तकनीकी जगत की हर बड़ी से बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनी गूगल के एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर पर चलने वाले मोबाइल फोन पेश करने में लगी है। ऐसे में तकनीकी बाजार में मोबाइल जगत की जानी-मानी अमेरिकी कंपनी मोटोरोला ने एंड्रॉयड सुविधा वाले मोबाइल फोन की बारिश कर दी है।
कंपनी ने हाल ही में एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर चलने वाला मोबाइल फोन ‘फ्लिप आउट’ पेश किया। ये वर्गाकार फोन एक स्लाइडिंग फोन है जिसे चारों और आसानी से घूमाया भी जा सकता है। 2.8 इंच का टचस्क्रीन डिसप्ले वाला ये फोन एक क्वार्टी कीपैड वाला फोन है। 3जी सुविधा वाले इस फोन में 3 मेगापिक्सल कैमरा और माइक्रो एसडी कार्ड के साथ कई आकर्षक सुविधाएं हैं।
ब्लैकबेरी का नया स्मार्टफोन ‘स्टाइल-9670’
कारोबारी मोबाइल फोन की दौड़ में सबसे आगे रहने वाली कनाडा की ब्लैकबेरी फोन बनाने वाली मशहूर मोबाइल निर्माता कंपनी रिसर्च इन मोशन (रिम) ला रही है बेहद ही आकर्षक दिखने वाला नया ब्लैकबेरी फोन ‘ब्लैकबेरी स्टाइल-9670’। ये स्मार्टफोन एक फ्लिप फोन है जिसमें क्वार्टी कीबोर्ड की सुविधा दी गई है। ये फोन एक जीएसएम फोन नहीं है इसलिए ये जीएसएम नेटवर्क वालों के लिए बिल्कुल उपयोगी नहीं हैं। 3जी सुविधा से युक्त यह फोन महज 131 ग्राम का है।ब्लैकबेरी की इस नई पेशकश ‘स्टाइल-9670’ की सबसे बड़ी खासियत है इसमें लगी दो-दो डिसप्ले स्क्रीन। जैसा कि ये एक फ्लिप फोन है इसलिए इसमें बाहर भी एक डिसप्ले स्क्रीन है और अंदर भी। बाहर लगी स्क्रीन में आप समय, जरूरी सूचनाएं और एसएमएस देख सकते हैं।
नए ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ
‘ब्लैकबेरी स्टाइल-9670’ ब्लैकबेरी के नए ऑपरेटिंग सिस्टम 6 पर चलेगा। ये एक सीडीएमए फोन है। 31 अक्टूबर को यह फोन अमेरिका में मिलना शुरू हो जाएगा।इस फोन में फ्लैश के साथ 5 मेगापिक्सल कैमरा है जो कि वीडियो रिकॉर्डिंग में भी मदद करता है। ब्लैकबेरी फोन की खासियत होती है उस पर की जाने वाली नेट सर्फिंग। इस फोन में कैमरे की मदद से फोटो खींचकर आप तुरंत नेट पर अपलोड कर सकेंगे।कनेक्टिविटी के लिहाज से इसमें वाई-फाई की सुविधा है साथ ही इसमें जीपीएस की भी सुविधा है जिसकी मदद से आप किसी भी जगह का नक्शा आसानी से पता लगा सकेंगे। साथ ही ब्लूटूथ, यूएसबी बोर्ड जैसी सुविधाएं हैं। इसके अलावा वेब ब्राउजिंग के लिए पुश ई-मेल और एचटीएमएल की भी सुविधा है।ब्लैकबेरी के इस स्मार्टफोन में बेजोड़ मेमोरी क्षमता है। इसमें 512 एमबी की इंटरनल मेमोरी क्षमता है जिसे 32 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही इसमें 16 जीबी का माइक्रो एसडी कार्ड भी है। इसका टॉक टाइम करीब 4 घंटे 30 मिनिट है।
दुनिया की सबसे बड़ी चॉकलेट!
क्या आप एक चॉकलेट बार को पूरे मोहल्ले में बांट सकते हैं, नहीं ना। लेकिन अब ये संभव हो सकता है। जी हां, अर्मेनिया की राजधानी येरेवान में दुनिया की सबसे बड़ी ऐसी चॉकलेट तैयार हुई है। इस चॉकलेट बार का वजन 9702 पौंड यानी कि 4410 किलोग्राम है। इस विशालकाय चॉकलेट को 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में शामिल किया गया है। इस चॉकलेट का आकार 224 इंच लंबा, 110 इंच चौड़ा और 10 इंच मोटा है। जिसे ग्रैंड कैंडी फैक्ट्री तैयार ने की है। इस विशालकाय चॉकलेट में 70 प्रतिशत कोकोया के अलावा प्राकृतिक पदार्थों को शामिल किया गया है। फैक्ट्री के मालिक केरेन वरडान्यन ने बताया कि चॉकलेट 16 अक्टूबर तक लोगों के बीच बांटा जा सकेगा।
Monday, October 25, 2010
आईफोन और आईपैड का मिश्रण है ‘मैकबुक एयर’
आईफोन और आईपैड का मिश्रण है ‘मैकबुक एयर’
जहां तकनीकी कंपनियां धड़ाधड़ टैबलेट कम्प्यूटर पेश करने में लगी हैं वहीं कैलिफॉर्निया की दिग्गज कंपनी एप्पल ने पेश किया अब तक का सबसे पतला और सबसे हल्का लैपटॉप ‘मैकबुक एयर-3.1’। दरअसल ये एक नोटबुक है जो एप्पल के ही ऑपरेटिंग सिस्टम ‘मैक ओएक्स’ पर काम करेगी। ये नोटबुक आईपैड और आईफोन का मिश्रण कही जा सकती है। एप्पल का मैकबुक एयर दो आकार में उपलब्ध रहेगा। 11 इंच की स्क्रीन वाले मैकबुक एयर की कीमत करीब 70 हजार रुपए हैं वहीं 13 इंच की स्क्रीन वाले दूसरे लैपटॉप की कीमत करीब 99 हजार रुपए रहेगी। दोनों ही अलग-अलग मेमोरी क्षमता में मिलेंगे जैसा कि एप्पल के उत्पाद मिलते हैं।
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